Anokha Love Story Part - 3: रात के 12:44 बजे जब संजू के कमरे के बाहर आ खड़ी हुई वो अनजान रूह
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे महज 14 साल की उम्र में संजू ठेकेदार के धोखे का शिकार होकर चेन्नई के एक अनजान शहर में सिर्फ 100 रुपये लेकर फंसा हुआ था। भूख और लाचारी के बीच उसने अपनी माँ से आखिरी झूठ बोला कि वह बहुत खुश है। लेकिन उस झूठ के बाद, संजू की ज़िंदगी में जो रात आई, उसने खौफ का एक ऐसा मंज़र दिखाया जिसे विज्ञान भी कभी नहीं समझा सकता।
शाम के 7:०० बजे - रास्ते के किनारे बैठी वो रहस्यमयी लड़की
तारीख थी 12 June 2008। शाम के करीब 7 बज रहे थे। संजू अपनी ड्यूटी खत्म करके बेहद थका हुआ कमरे की तरफ लौट रहा था। अचानक रास्ते के किनारे उसकी नज़र एक लड़की पर पड़ी। आस-पास दूर-दूर तक कोई नहीं था, सड़क पूरी तरह सुनसान थी। संजू पहले तो थोड़ा डरा, लेकिन जब वह पास पहुँचा, तो उस लड़की ने मासूमियत से संजू को आवाज़ दी।
![]() |
👉 Google Images |
लड़की ने रोते हुए कांपती आवाज़ में कहा, "मुझे अपने घर जाना है, लेकिन मेरे पास एक भी पैसा नहीं है। क्या तुम मुझे सिर्फ 20 रुपये दे सकते हो? मैं वादा करती हूँ, मैं जैसे ही घर पहुँचूँगी, मैं तुम्हारे पैसे लौटा दूँगी।"
संजू गहरी सोच में पड़ गया। उसकी खुद की जेब में सिर्फ 100 रुपये का इकलौता नोट बचा था, जो उसे दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद मिला था। अगर वह 20 रुपये देता, तो उसे छुट्टा (चेंज) कौन देता? संजू अभी सोच ही रहा था कि उस लड़की ने फिर कहा, "अगर तुम्हारे पास 20 रुपये नहीं हैं, तो मना कर दो।" संजू का दिल पिघल गया। उसने बिना कुछ सोचे अपनी जेब का वो इकलौता 100 रुपये का नोट निकाला और उस लड़की के हाथ में थमा दिया, और खुद तेज़ी से अपने कमरे की तरफ बढ़ गया挂
रात के 12.44 बजे - दरवाजे पर वो खौफनाक दस्तक
कमरे पर पहुँचकर संजू ने बिना कुछ खाए-पिए, उदास मन से कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद किया और चुपचाप सो गया। लेकिन खौफ का असली तांडव तो आधी रात को शुरू होना था।
![]() |
| 👉Google Image |
ठीक रात के 12:44 बजे संजू की आँख अचानक एक अजीब आवाज़ से खुली। कोई उसके कमरे के दरवाज़े को बाहर से धीरे-धीरे पीट रहा था—खट... खट... खट! डर के मारे संजू का पूरा शरीर पसीने से भीग गया। वह बिस्तर पर उठकर बैठ गया। उसने दबे पाँव दरवाज़े के पास जाकर कान लगाया,तभी दरवाज़े के पीछे से एक बेहद ठंडी और सिसकती हुई आवाज़ आई:
"क्या मुझे थोड़ा पानी मिलेगा? मेरा गला सूख रहा है... मेरे घर में थोड़ा सा भी पानी नहीं है..."
संजू ने गहरी सांस ली और हिम्मत जुटाकर जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला, उसके होश उड़ गए। बाहर दूर-दूर तक कोई नहीं था, पूरा गलियारा सुनसान और खामोश था। संजू बुरी तरह घबरा गया और डर के मारे अपने साथ आए गाँव के लड़कों के कमरे की तरफ भागने लगा।
दिमाग हिला देने वाला वो साया
संजू जैसे ही पलटा, ठीक उसी समय वो लड़की अचानक उसके सामने आ खड़ी हुई! उसके चेहरे पर एक अजीब, रहस्यमयी मुस्कान थी। उसने संजू की आँखों में देखते हुए कहा, "तुम इतनी रात को कहाँ घूम रहे हो?"
संजू खौफ के मारे अपनी जगह पर जम गया, उसका गला सूख गया। उसने कांपते हुए कहा, "नहीं... मैं... बस बाहर आया था।"
उस लड़की ने ठंडे लहज़े में कहा, "तुमको इतनी रात को बाहर नहीं आना चाहिए था।"
डर के मारे संजू पीछे हटा, अपने कमरे के अंदर भागा और दरवाज़ा ज़ोर से बंद कर लिया। वह पूरी रात बिस्तर के कोने में दुबक कर सो नहीं पाया। उसके दिमाग में सिर्फ एक ही सवाल घूम रहा था कि जो लड़की कुछ घंटे पहले रास्ते पर लाचार बैठी थी, वह अचानक आधी रात को उसके कमरे के ठीक सामने कैसे आ गई? और उसने उसे पहले इस इलाके में कभी क्यों नहीं देखा था?
जब दीवार के पार से गूँजी उस रूह की आवाज़
संजू कमरे के अंदर बैठा अभी यही सब सोच ही रहा था कि अचानक सन्नाटे को चीरती हुई उस लड़की की आवाज़ सीधे कमरे की दीवार के पार से गूँजी! ऐसा लग रहा था मानो वह संजू के दिमाग के अंदर चल रहे हर एक विचार को पढ़ रही हो।
उस अदृश्य आवाज़ ने कहा:
"तुम अभी चुपचाप सो जाओ... मेरे बारे में कुछ भी सोचने की कोई ज़रूरत नहीं है। और हाँ... मैं तुम्हारे वो 100 रुपये ठीक इसी जगह पर लौटा दूँगी, जहाँ तुमने मुझे दिए थे..."
![]() |
👉 Google Images |
जानने के लिए जुड़े रहें Sanju Verse के साथ!
(Part - 3 समाप्त। अंतिम भाग - Part 4 जल्द आ रहा है!)
🔥 नोट: दोस्तों, इस सच्ची भूतिया कहानी का आखिरी और सबसे बड़ा धमाका (Final Part-4) सबसे पहले अपने मोबाइल पर पाने के लिए अभी नीचे दिए गए लिंक पर करके हमारा व्हाट्सएप्प ग्रुप जॉइन करें!



Comments
Post a Comment