सोशल मीडिया पर क्यों कोड वर्ड्स में बात कर रहे हैं लोग? जानें क्या है 'Algospeak' का नया ट्रेंड
Details -अगर आप आजकल इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉट्स या टिकटॉक के कमेंट सेक्शन को ध्यान से देखते हैं, तो आपने गौर किया होगा कि लोग कई शब्दों की स्पेलिंग बदल कर लिखते हैं। उदाहरण के लिए, लोग 'Dead' (मरना) की जगह 'Unalive' लिखते हैं, या किसी गंभीर बीमारी के नाम को कोड वर्ड में बदलते हैं। इंटरनेट की इस नई भाषा को तकनीकी दुनिया में 'Algospeak' (एल्गोस्पीक) कहा जा रहा है। आखिर सोशल मीडिया पर अचानक इस अनोखी भाषा का हड़कंप क्यों मचा है? आइए इसके पीछे की वजह को आसान शब्दों में समझते हैं।
1. क्या है Algospeak और इसकी शुरुआत क्यों हुई?
'Algospeak' दो शब्दों से मिलकर बना है— Algorithm (एल्गोरिदम) और Speak (बोलना)। यानी सोशल मीडिया के कंप्यूटर सिस्टम (एल्गोरिदम) से बात करने वाली भाषा।
आजकल इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसी कंपनियों ने अपनी वेबसाइट को सुरक्षित रखने के लिए बहुत ही सख्त नियम बना दिए हैं। उनके सिस्टम में कुछ ऐसे संवेदनशील (Sensitive) शब्द फीड होते हैं, जिन्हें लिखते ही पोस्ट को डिलीट कर दिया जाता है या उस अकाउंट की रीच (व्यूज) को पूरी तरह से कम कर दिया जाता है। इसी 'बैन' या नुकसान से बचने के लिए इंटरनेट यूज़र्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने चालाकी दिखाई और शब्दों को कोड वर्ड में बदलना शुरू कर दिया।
2. कैसे काम करता है यह नया ट्रेंड?
सोशल मीडिया का एआई (AI) सिस्टम सीधे और साफ शब्दों को तो तुरंत पकड़ लेता है, लेकिन इंसानी दिमाग द्वारा बनाए गए नए कोड वर्ड्स को आसानी से नहीं समझ पाता। लोग इसका इस्तेमाल कई तरीकों से कर रहे हैं:
स्पेलिंग बदलना: लोग 'Kill' की जगह 'K1ll' लिख देते हैं या 'Sex' की जगह 'Seax' लिख देते हैं। नंबरों का इस्तेमाल करने से कंप्यूटर कंफ्यूज हो जाता है।
इमोजी का खेल: किसी गंभीर या एडल्ट विषय पर बात करने के लिए शब्दों की जगह खास तरह के इमोजी (जैसे बैंगन, तरबूज या भूत के चित्र) का इस्तेमाल किया जाता है।
नए शब्द बनाना: किसी के मरने या एक्सीडेंट की बात बताने के लिए 'Unalive' (यानी जो जीवित नहीं है) जैसा बिल्कुल नया शब्द इस्तेमाल किया जा रहा है।
3. क्या इस ट्रेंड से कोई नुकसान या फायदा है?
फायदा: क्रिएटर्स के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि उनकी मेहनत से बनाई गई पोस्ट केवल किसी एक शब्द की वजह से डिलीट नहीं होती और उनके व्यूज सुरक्षित रहते हैं।
नुकसान: इसका एक बड़ा नुकसान यह है कि कई बार गलत जानकारी फैलाने वाले या नफरत फैलाने वाले लोग भी इन कोड वर्ड्स का फायदा उठाकर सिस्टम की नजरों से बच जाते हैं। इंटरनेट की भाषा इतनी बदल रही है कि आम माता-पिता के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि उनके बच्चे सोशल मीडिया कमेंट्स में क्या बात कर रहे हैं।
निष्कर्ष
Algospeak का यह ट्रेंड यह साफ दिखाता है कि इंटरनेट की जनता हमेशा बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों के कंप्यूटर सिस्टम से दो कदम आगे रहती है। यह भाषा सोशल मीडिया पर खुद को सुरक्षित रखने का युवाओं का एक नया और मजेदार तरीका बन चुका है।
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